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Showing posts from July, 2022

पृथ्वी को बेहतर कैसे बनाएं ?

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  28 जुलाई पृथ्वी संरक्षक दिवस पृथ्वी को बेहतर कैसे बनाएं ? प्रकृति की सुरक्षा और हमारी सेहत, रोज़गार, आर्थिकी व विकास के रिश्ते को बताए बगैर बात बनेगी नहीं। इस रिश्ते को समझन-समझाना ही पृथ्वी को बेहतर बनाना है। लेकिन बच्चों को बताने से पहले एक बात सुनिश्चित कर लें कि आप खुद भी उस काम को अंजाम दें, जिसे करने की आप बच्चों से अपेक्षा कर रहे हैं। कोरी बातें न करें। अच्छी बातों को कार्यरूप दें, वरना वे बेअसर रहेंगी। बच्चे भी यही काम, बड़ों को समझाकर कर सकते हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी28 जुलाई पृथ्वी संरक्षक दिवस आ ही गया| सोचना यह है कि हम इसे कैसे मनाएँ? सीधे कहूँ तो इस दिवस पर दुनिया भर में गोष्ठी, सेमिनार, संवाद, कार्यशालाएँ आयोजित होती ही हैं। इनमें भाग ले सकते हैं; इनका आयोजन कर सकते हैं; इनके आयोजन में मदद कर सकते हैं। इसके लिये कोई बड़े खर्च और आयोजन की जरूरत नहीं। आप चाहें तो अपने आसपास के बच्चों को इकट्ठा कर पृथ्वी की चुनौतियों और उसके समाधान में उनकी भूमिका चर्चा कर सकते हैं। उनकी नदी, बरगद, गिलहरी व गौरैया आदि से मित्रता करा सकते हैं, किंतु  कुछ और भी प्रयास हैं,जिन्ह...

यह तिरंगा

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  यह तिरंगा यह तिरंगा ….. यह तिरंगा हमारी शान है , विश्वभर में भारती की अमिट पहचान है , यह तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े , यह तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े , यह तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है , यह तिरंगा वीरता का गूंजता इक मंत्र है , यह तिरंगा वन्दना है भारती का मान है , यह तिरंगा विश्व जन को सत्य का अभिमान है , यह तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है , यह तिरंगा इस धरा पर शांति का संधान है , इसके रंगो में बुना बलिदानियों का नाम है , यह बनारस की सुबह है , यह अवध की शाम है , यह कभी मंदिर , कभी यह गुरुओं का द्वार लगे , चर्च का गुंबद कभी , मस्जिद की मीनार लगे , यह तिरंगा गंगा-जमुनी तहज़ीब का सम्मान है , यह तिरंगा बाइबिल है , भागवत का श्लोक है , यह तिरंगा आयत-ए-कुरान का आलोक है , यह तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है , यह तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है , यह तिरंगा फेनिल कन्याकुमारी का नीर है , यह तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है , यह तिरंगा दिव्य नदियों का त्रिवेणी रूप है , यह तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धूप ह...

आलेख

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   आलेख   व्यक्तित्व व्यक्तित्व की भी अपनी वाणी होती है , जो बिन शब्दों के ही अंतर्मन को छू जाती है। हम सब एक दूसरे से भिन्न हैं , तन और मन दोनो से हर व्यक्ति में अंतर होता है सभी में कुछ खूबियां और खामियां दोनो ही होती हैं। बात तो सिर्फ उन्हें पहचानने और अच्छे गुणों को आत्मसात करने और बुरे गुणों को त्याग करने की है।   हर व्यक्ति का अपना - अपना व्यक्तित्व होता है जिसके वजह से वह भीड़ मे भी अपनी अलग छवि के कारण पहचान लिया जाता हैं। जीवन में व्यक्तित्व का विशेष महत्व होता है सूरत कैसी भी हो , लेकिन सीरत अच्छी होनी चाहिए क्योंकि सीरत ही हमारे व्यक्तित्व को दर्शाती है।   हमारे इर्द - गिर्द बहुत से खूबसूरत चेहरे रहते हैं जो हमारी आँखों को तो भाते हैं पर मन को नही लुभा पाते कुछ लोग बहुत सुंदर दिखते है , लेकिन संयोग से कभी हम किसी ऐसे शख़्स से मिलते हैं जो दिखने मे एकदम साधारण सा लगता हैं लेकिन उसका व्यक्तित्व हमे लुभाता हैं। हमारे मन पर गहरी छाप छोड़ देता है।   जो दिखने मे तो साधारण है पर स्वयं मे असाधारण हैं बिलक्षण प्रतिभा का स्वामी हैं उसके चेहर...