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कामकाजी महिलाओं के लिए नारी सशक्तिकरण के मायने

  “ कामकाजी महिलाओं के लिए नारी सशक्तिकरण के मायने ” आदरणीय मंचासीन अतिथिगण , सम्मानित सहकर्मी एवं उपस्थित सभी श्रोता गण , सादर नमस्कार। मैंने उसको जब-जब देखा , लोहा देखा , लोहे जैसा-- तपते देखा , गलते देखा , ढलते देखा , मैंने उसको गोली जैसा चलते देखा! आज जिस विषय पर मैं अपना संभाषण प्रस्तुत करने जा रही हूँ, वह है —“ कामकाजी महिलाओं के लिए नारी सशक्तिकरण के मायने ” । नारी सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं , बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर , आत्मविश्वासी और निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। जब कोई महिला घर की चौखट से बाहर निकलकर अपने कौशल और परिश्रम से समाज और अर्थव्यवस्था में योगदान देती है , तब सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ सामने आता है। मैं अपने विचारों को कुछ प्रमुख बिंदुओं के माध्यम से प्रस्तुत करना चाहूँगी — 1. आर्थिक आत्मनिर्भरता कामकाजी महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का पहला और सबसे महत्वपूर्ण अर्थ है आर्थिक स्वतंत्रता। जब महिला स्वयं कमाती ...