वर्तमान में गांधी की प्रासंगिकता
वर्तमान में गांधी की प्रासंगिकता गाँधी पुण्य संगम है , जग की सभ्यताओं का , गाँधी शिलालेख है , पवित्र मान्यताओं का , गाँधी तो विशेष है , परम विशेषताओं में , जो सदा जियेगा , मेरे देश की हवाओं में , गाँधी एक भावना है , आस्था के प्यार की , एक मनोकामना है , परिधियों के पार की , गाँधी एक कसौटी है , कुर्सियों के त्याग की , अनूठी अंगूठी है , आजादी के सुहाग की , गाँधी एक आइना है चेतना है शोध है , इस धरा के आदमी में देवता का बोध है | जब पूरे विश्व ने गिरमिटिया श्रम को एक सामाजिक व्यावस्था के रूप में स्वीकार कर लिया था , तब गांधी जी ने इस प्रथा का पुरजोर विरोध किया था। यही नहीं जब पूरी दुनिया में हिंसात्मक युद्ध छिड़ा हुआ था , तब गांधी जी ने अहिंसात्मक युद्ध शुरू कर दिया था। उन्होंने...