डैडी के नाम एक पाती
डैडी , कई बार मन घुटता है , अंतर में आँखों से आँसू नहीं बहते , परन्तु मन में उमड़ आती है , कई यादों की धाराएँ एक साथ..... बचपन से अब तक के सफ़र की हर बात.... कैसे हैं आप ? आशा करती हूं कि आप जहाँ भी होंगे , स्वस्थ और प्रसन्न होंगे।आपके प्रति सदा ही सम्मान और प्रेम का भाव रहा , वैसे यह कहने की बात नहीं । संकोच की सीमाओं के बीच कभी शब्दों के ज़रिए जता या बता नहीं पाई , लेकिन आज जब सोच रही थी कि फ़ादर्स-डे पर आपको उपहार क्या दूं ? तो सोचा कि जिस पिता ने मुझे काबिल बनाने और हमेशा खुश रखने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया , उनके लिए शायद किसी उपहार से ज़्यादा अपनी बेटी की उनके प्रति प्रेम और भावनाओं की अभिव्यक्ति अनमोल होगी। आज फादर्स डे है , कैसा फादर्स डे ? पहले मैंने सोचा , अब जब आप हमारे पास नहीं रहे , तो कैसा फादर्स डे ? लेकिन आप भौतिक रूप से न होकर भी हमारे साथ में ही हैं , लेकिन सिर्फ़ मेरी भावनाओं में । मेरे अस्तित्व में , मेरे वजूद के कण-कण में आप हम समाए हैं । मैंने आप ही से कर्तव्यों को निभाना , काम को पूजा समझना , अनुशासन , समय बद्धता , किसी काम को...