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Showing posts from March, 2025

हर रंग कुछ कहता है

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हर रंग कुछ कहता हमसे, समझें रंगों की भाषा, अगर रंग न होते जग में,क्यों होती अभिलाषा, रंग ऊर्जा हैं, रंग अभिव्यक्ति हैं, रंग एहसास हैं, जीवन का हर रंग अपने आप में खास है| रंगों की क्या मैं बात करूं, हर रंग में छुपी कहानी, कुछ रंग है बचपन यौवन के,कुछ में दादी नानी, हर रंग कुछ कहता हमसे, सपनों में इठलाते हुए, जीवन की कसौटी पर, कभी उम्मीद जगाते हुए| खूबसूरत रंगों से भरा जीवन, हर रंग को जी लो जी भर, रूठा कोई तो मना लो उसको, गाढ़े रंगों से कर सराबोर, हर रंग कुछ कहता है, छोटे-बड़े के भेद को भूलो, रंग दो कोना-कोना मन का, मन के आकाश को छू लो| मिल-जुल कर रहें सब, उमंग और उत्साह संग, रंग नवसर्जन की नींव रखते, मानवता का अर्थ बदलते, हर रंग कुछ कहता है, हो मार्ग अवरूद्ध कितने ही, कहीं धूप-छांव रचते रंग, कहीं कृष्ण की बाँसुरी के सुर सजते| हँसना-रोना-रूठना-मनाना-दोस्ती-सुख-दुख सब, जीवन के कैनवास पर, ये होली के रंग समान, हर रंग कुछ कहता है, भरें विश्वास का रंग इसमें, आसमां में सजता इंद्रधनुष, जैसे नया स्वच्छ विहान| होली तो है एक बहाना, गुझिया की मिठास का, रंग भले ही मिट जाएं, चढ़ा रहे खुमार प्...

डिजिटल क्रांति में त्योहारों का बदलता स्वरूप

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    डिजिटल क्रांति में त्योहारों का बदलता स्वरूप   जो हो गया बिराना उसको फिर अपना कर लो। होली है तो आज शत्रु को बाहों में भर लो! होली है तो आज अपरिचित से परिचय कर लो , होली है तो आज मित्र को पलकों में धर लो , भूल शूल से भरे वर्ष के वैर-विरोधों को , होली है तो आज शत्रु को बाहों में भर लो! कृषि प्रधान होने के कारण हमारे देश में प्रत्येक ऋतु-परिवर्तन त्योहारों के माध्यम से हंसी-ख़ुशी मनोरंजन की बयार लेकर आता है। व्रतोत्सव , पर्व-त्यौहार और मेले है , सांस्कृतिक प्रतीक होते हैं, जिनका उद्देश्य भारतीय संस्कृति के मूल तत्वों और विचारों की रक्षा करना है। इस श्रेणी में हिंदुओं के सभी बड़े-बड़े पर्व-त्यौहार आ जाते है , जैसे-होलिका-उत्सव , दीपावली , बसन्त , श्रावणी , संक्रान्ति आदि, जिनकी आत्मा संस्कृति की रक्षा में बसी होती है। हमारे यहाँ हर दिन में एक त्यौहार होता है। अनेकता में एकता की मिसाल इन्हीं त्यौहारों-पर्वों के अवसरों   पर देखी जा सकती है। रोज़मर्रा की भागती-दौड़ती , उलझनों से भरी हुई ऊर्जा प्रधान हो चुकी , वीरान-सी बनती जा रही ज़िंदगी में ये त्यौहार ही व्य...