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सावन को आने दो

सावन को आने दो सावन को आने दो सावन को आने दो, घनघोर घटाएँ छाने दो, बूँदों की रुनझुन को, मन की वीणा पर गाने दो। धरती की प्यास बुझाने दो, नदियों को मुस्काने दो, सूखे मन के सूने कोनों में हरियाली लहराने दो। झूले डालें पीपल पर फिर, गीत पुराने गाए जाएँ, बचपन की यादों में खोकर, मन फिर से भीग जाए। कचनारों पर नाचे मोर, बगिया में बहे सुवास, प्रेम की पहली बूँदों में, लिख दें नए एहसास। सावन को आने दो, आँगन को हरा बनाने दो, भीग जाए मन की मिट्टी, कुछ स्वप्न नए सजाने दो। सावन को आने दो, घटाओं को गहराने दो, मन की भीगी चादर में, फिर से हर रंग छाने दो। माँ की डाँट, भीगे कपड़े, और वो छत की फिसलन, सब याद दिला जाए फिर से वो बारिश वाली सरगम। पीपल पर झूला झूलें, सखियाँ गीत सुनाएँ, गाँव की गलियों में फिर से, सावन झूम के आए। धरती की सूखी बाहों में, हरियाली मुस्काए, मन के कोरे काग़ज़ पर, प्रेम-बूँद कुछ लिख जाए। टप-टप बूँदें गिरें छतों पर, जैसे राग सुनाने को, झींगुर गाएँ कोने-कोने, मेंढक टर्राएं गाने को। आओ सब कुछ भूल चलें, उस बचपन की गलियों में, जहाँ झींगुर गाते थे रातें, और मेंढक बोलें थीं नदियों में। बचपन की...

यूँ ही कोई मिल गया सीज़न-2

यूँ ही कोई मिल गया   विषय-सूची   EPISODE-0- प्रस्तावना- यूँ ही कोई मिल गया सीज़न- 2  02/01/26 EPISODE-1 ऐ री मैं तो प्रेम दीवानी 16/01/26 EPISODE-2 कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन... 30/01/26 EPISODE-3 प्यार को प्यार ही रहने दो 13/02/26 EPISODE-4 दोइ नैना मत खाइयो   27/02/26 EPISODE-5 गंगा तेरा पानी अमृत 13/03/26 EPISODE-6 जा , जी ले अपनी ज़िंदगी 27/03/26, EPISODE 7 यूँ ही कोई दिल लुभाता नहीं 10/04/26 EPISODE 8 हर मुस्कराहट मुस्कान नहीं होती… 24/04/26 EPISODE 9 राँझा राँझा करदी हुण मैं आपे राँझा होई 08/05/26 EPISODE 10 कोई ये कैसे बताए के , वो तनहा क्यों है ?  22/05/26   EPISODE 11 आप मुझे अच्छे लगने लगे… 05/06/26  EPISODE 12  मत कर अभिमान रे बंदे! 19/06/26  EPISODE 13  क्या कभी खुद से प्रेम किया ? 03/07/26 EPISODE 14 किताबें बहुत सी पढ़ी होंगी... 17/07/26   EPISODE 15 लव.. यू ज़िंदगी! 31/07/26 EPISODE 16 लब हिल...