ख़ुद को समय देना भी संतुष्टि है
ख़ुद को समय देना भी संतुष्टि है:वो काम करें जिसे करने से खुशी मिले और खुद के लिए वक्त भी आज के समय में हम काम और ज़िम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि निजी ज़िंदगी कहीं खो-सी गई है। पिछले हफ्ते हमने इसी विषय पर बात की थी। अपना काम ज़िम्मेदारी के साथ करना अच्छी बात है , परंतु संतुष्टि का ध्यान रखना भी ज़रूरी है। काम में संतुष्टि होना हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे हमें यह पता चलता है कि हम अपने काम को लेकर जो रुचि ले रहे हैं उसका हमारे कॅरियर और जीवन पर कितना फ़र्क़ पड़ रहा है। यह हमें सफलता के नज़दीक ले जाने में सहायक भी सिद्ध होता है। हम सोचते हैं कि काम में पूरा मन और जी जान लगा देना ही सफलता है , परंतु हम यह ध्यान नहीं देते कि हम जो भी कार्य कर रहे हैं उसमें हमारी रुचि कितनी है और उस काम को करने के बाद संतुष्टि मिल भी रही है या नहीं। काम में संतुष्टि क्यों ज़रूरी ? ज़रा सोचिए , यदि काम के बाद हमें संतुष्टि न मिले तब वह हमारे लिए और हमारी सफलता के लिए कितनी मायने रखती है ? संतुष्टि से हमारा मानसिक स्वास्थ्य और बेहतर होता है। मन में चिंता , भय ...