Posts

Showing posts from April, 2024

हरी-भरी धरती के भूषण !

Image
      हरी-भरी धरती के भूषण !   जंगल हमारी दुनिया की लाइफ़लाइऩ हैं। उनके बग़ैर हम पृथ्वी पर ज़िंदगी का पहिया घूमने का तसव्वुर भी नहीं कर सकते हैं।"पृथ्वी को पेड़ जो सेवाएं देते हैं , उनकी फ़ेहरिस्त बहुत लंबी है। वो इंसानों और दूसरे जानवरों के छोड़े हुए कार्बन को सोखते हैं। ज़मीन पर मिट्टी की परत को बनाए रखने का काम करते हैं। पानी के चक्र के नियमितीकरण में भी इनका अहम योगदान है। इसके साथ पेड़ प्राकृतिक और इंसान के खान-पान के सिस्टम को चलाते हैं और न जाने कितनी प्रजातियों को भोजन प्रदान करते हैं। इसके अलावा ये दुनिया के अनगिनत जीवों को आसरा देते हैं। बिल्डिंग मैटीरियल यानी लकड़ी की शक़्ल में ये इंसानों को भी घर बनाने में मदद करते हैं। पेड़ हमारे लिए इतने काम के हैं , फिर भी हम इन्हें इतनी बेरहमी से काटते रहते हैं , जैसे कि इनकी इस धरती के लिए कोई उपयोगिता ही नहीं। इंसान ये सोचता है कि इनके बग़ैर हमारा काम चल सकता है। हम ये सोचते हैं कि आर्थिक लाभ के लिए पेड़ों की क़ुर्बानी दे सकते हैं। अगर पेड़ इंसान की सोची हुई विकास की प्रक्रिया में बाधा बनें तो इन्हें काटकर...

आइए! मनाएं वोट-पर्व

Image
  आइए! मनाएं वोट-पर्व   भारत एक लोकतांत्रिक देश है , जहां देश की संप्रभुता यहां के नागरिकों में निहित है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में वहां के नागरिकों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार होता है , जिस कार्य को वे अपने मत देकर पूर्ण करते हैं। किसी भी देश को सुव्यवस्थित ढंग से चलाने एवं वहां की शासन-व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक मज़बूत सरकार का होना अति आवश्यक है। अतः किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मताधिकार का बहुत महत्व है। एक सुव्यवस्थित लोकतंत्र के निर्माण में देश के नागरिकों अर्थात मतदाताओं की अहम भूमिका होती है। अतः प्रत्येक भारतीय को अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग जरूर ही करना चाहिए और ऐसी सरकारें चुननी चाहिए , जो कि सांप्रदायिकता और जातिवाद से ऊपर उठकर देश अथवा प्रदेश के बहुमुखी विकास के बारे में सोचें। जिस दिन देश का मतदाता जाग जाएगा , उस दिन देश से जातिवाद , ऊंच-नीच , सांप्रदायिक भेदभाव खत्म हो जाएगा। ये सिर्फ़ और सिर्फ़ संभव है- हमारे और आपके महत्वपूर्ण मतदान से ! भारत का संविधान देश के सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है , इस अधिकार का प्रयोग हम सभी को अपन...

भारतीय परंपरा में सोलह श्रृंगार का महत्व

  भारतीय परंपरा में सोलह श्रृंगार का महत्व तरिवन-कनकु कपोल-दुति,बिचबीचहींबिकान। लाललालचमकतिचुनीं,चौका-चिह्न-समान॥ हिंदू धर्म में हर विवाहित स्त्री का श्रृंगार करना महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि सोलह श्रृंगार, सुहागिनों के लिए उनके पति की लंबी आयु की कामना और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए जरूरी है। ऋग्वेद के अनुसार, सोलह श्रृंगार से न केवल स्त्रियों का सौंदर्य बढ़ता है, बल्कि उनके भाग्य में भी वृद्धि होती है। विवाहित स्त्रियों द्वारा किए गए  सोलह श्रृंगार उनके जीवन में सौभाग्य लाते हैं। श्रृंगार के लिए स्त्रियां बहुत से आभूषणों को पहनती हैं। स्त्रियों द्वारा पहने जाने वाले हर आभूषण का अपना एक विशेष धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। मांग में सिंदूर, माथे पर बिंदिया, हाथों में चूड़ी, पांव में पायल और बिछिया.ये प्रतीक धारण कर जब एक लड़की अपने घर को छोड़ किसी दूसरे घर में प्रवेश करती है तो उसके जीवन के मायने ही बदल जाते हैं। सुहागिन स्त्रियां श्रृंगार के लिए माथे पर बिंदी लगाती है। माना जाता है कि माथे पर लगी बिंदी स्त्रियों के आज्ञा चक्र को सक्रिय करके उनका आत्मविश्वास बढ़ाती है। अपन...

अनुकरणीय बाबा साहेब

Image
  अनुकरणीय बाबा साहेब https://www.newsupdateup.in/archives/519 अगाध ज्ञान के भंडार ,   घोर अध्यवसायी ,   अद्भुत प्रतिभा ,   सराहनीय निष्ठा ,   न्यायशीलता तथा स्पष्टवादिता के धनी डॉ. भीमराव अंबेडकर एक विधिवेत्ता ,   अर्थशास्त्री ,   समाज सुधारक ,   संविधान शिल्पी और राजनीतिज्ञ थे। अंबेडकर जी का संपूर्ण जीवन भारतीय समाज में सुधार के लिए समर्पित था। अस्पृश्यों तथा दलितों के वे मसीहा थे। उन्होंने उनके विरूद्ध होने वाले अत्याचारों , शोषण-अन्याय   तथा अपमान से संघर्ष करने के लिए शिक्षा रूपी शक्ति दी। उनके अनुसार सामाजिक प्रताड़ना राज्य द्वारा दिए   जाने वाले दंड में भी कहीं अधिक दुःखदायी हैं। उन्होंने न सिर्फ समाज में वंचितों की स्थिति में सुधार के लिए कार्य किया ,    अपितु श्रमिकों ,   किसानों ,   महिलाओं   तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के अधिकारों और उनकी शिक्षा के लिए कार्य किया। अंबेडकर जी द्वारा किए गये कार्यों के कारण ही उन्हें भारत का अब्राहम लिंकन और मार्टिन लूथर कहा गया है तथा उन्हें बोधिसत्व की उपाधि से भी...