शादी की सालगिरह

 शादी की ये वाली सालगिरह आई .... 


कुछ पुरानी तस्वीरें फिर से मुस्कराईं,

वो पहली मुस्कान, वो हल्की सी शरमाहट, 

जैसे वक्त की किताब फिर से पलट गई।


साल दर साल साथ चले,

कभी धूप में, कभी छांव तले,

कुछ खामोशियां थीं, कुछ हँसी के मेले,

कभी रूठना, कभी मनाना — सब रंग थे रिश्ते के इस खेल में।


पहली लड़ाई की बात याद है?

या वो पहली बार जब तुमने चाय बनाई थी?

आज भी उसी चाय की खुशबू

हर सुबह को खास बना जाती है।


इन सालों में हमने बहुत कुछ पाया,

कुछ खोया, कुछ सहेजा, कुछ संभाला,

अपूर्व अक्षर को मिल कर पाला 

पर सबसे कीमती तो ये साथ था —

जो हर मोड़ पर हमें एक-दूजे के और करीब लाता गया।


शादी का 40वां  साल शुरू होने पर,

मैं सिर्फ तुम्हारा "धन्यवाद" कहना चाहती हूँ —

कि तुमने हर तूफान में मेरा हाथ थामा,

और हर मुस्कान में मेरी आंखों में झांका।


आओ, इस नए दशक की शुरुआत करें,

फिर से एक वादा करें —

कि अगला हर साल,

प्यार में बीते, साथ में बीते, और यूँ ही खूबसूरत बीते।

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