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Showing posts from April, 2021

संशोधित ब्लूम वर्गीकरण पर आधारित विशिष्ट उद्देश्य लेखन

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  संशोधित ब्लूम वर्गीकरण पर आधारित विशिष्ट उद्देश्य लेखन संशोधित ब्लूम वर्गीकरण   शिक्षण एक सतत प्रक्रिया है , जहां शिक्षार्थी के व्यवहार में अपेक्षित परिवर्तन के उद्देश्य से शिक्षण अधिगम की योजना बनाई जाती है । ये अपेक्षित व वांछित परिवर्तित व्यवहार ही सीखने के प्रतिफल माने जाते हैं ।समसामयिक विद्यालय शिक्षण व्यवस्था में शिक्षण की प्रभावशीलता एवं विद्यार्थी के अधिगम की संप्राप्तियों का मापन सीखने के प्रतिफल द्वारा ही किया जाता है ।राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के द्वारा 2017 में प्राथमिक एवं 2019 में माध्यमिक कक्षाओं के लिए इसे इस उद्देश्य से प्रकाशित किया गया कि शिक्षण प्रक्रिया की प्रभावशीलता को निर्धारित कर वांछित सुधार हेतु फीडबैक (प्रतिपुष्टि) प्राप्त किया जा सके । राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विकसित सभी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखाओं में शिक्षा की गुणवत्ता को प्रमुख लक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है । इनमें इस बात पर बल दिया गया है कि सभी बच्चों को सीखने के मूलभूत अवसर उपलब्ध हों , वैश्विक नागरिक बनने के लि...

मन की अपार शक्ति, शिक्षण में सहयोगी

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 मन की अपार शक्ति, शिक्षण में सहयोगी मन की अपार शक्ति,शिक्षण में सहायक मन की अपार शक्ति का अर्थ और शिक्षण में उसका महत्व- मन के हारे हार सदा रे , मन के जीते जीत , मत निराश हो यों , तू उठ , ओ मेरे मन के मीत!   माना पथिक अकेला तू , पथ भी तेरा अनजान , और जिन्दगी भर चलना इस तरह नहीं आसान। पर चलने वालों को इसकी नहीं तनिक परवाह , बन जाती है साथी उनकी स्वयं अपरिचित राह।   दिशा दिशा बनती अनुकूल , भले कितनी विपरीत। मन के हारे हार सदा रे , मन के जीते जीत॥ तोड़ पर्वतों को , चट्टानों को सरिता की धार बहती मैदानों में , करती धरती का श्रृंगार। रुकती पल भर भी न , विफल बाँधों के हुए प्रयास , क्योंकि स्वयं पथ निर्मित करने का उसमें विश्वास।   लहर लहर से उठता हर क्षण जीवन का संगीत मन के हारे हार सदा रे , मन के जीते जीत॥ समझा जिनको शूल वही हैं तेरे पथ के फूल , और फूल जिनको समझा तूने ही पथ के शूल। क्योंकि शूल पर पड़ते ही पग बढ़ता स्वयं तुरंत , किंतु फूल को देख पथिक का रुक जाता है पंथ।   इसी भाँति उलटी-सी है कुछ इस दुनिया की रीत मन के हारे हार सदा रे , मन के जीते जीत॥   मन की तुल...