वसंत का आगमन...
वसंत का आगमन... नई खुशी में , नए रंग में मन को फिर हर्षाने दो। न रोको मन के तारों को , बावरे मन को गाने दो , आज फिर चटकी हैं कलियाँ आज वसंत को आने दो।। वसंत तो सारे विश्व में आता है पर भारत का वसंत कुछ विशेष है। भारत में वसंत केवल फागुन में आता है और फागुन केवल भारत में ही आता है। गोकुल और बरसाने में फागुन का फाग , अयोध्या में गुलाल और अबीर के उमड़ते बादल , खेतों में दूर-दूर तक लहलहाते सरसों के पीले-पीले फूल , केसरिया पुष्पों से लदे टेसू की झाड़ियां , होली की उमंग भरी मस्ती , जवां दिलों को होले-होले गुदगुदाती फागुन की मस्त बयार , भारत और केवल भारत में ही बहती है। विद्या की देवी सरस्वती के पूजन का दिवस ' वसंत पंचमी ' देश भर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन से धार्मिक , प्राकृतिक और सामाजिक जीवन में बदलाव आने लगता है। वसंत पंचमी की तिथि से वसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। यह तिथि खासतौर पर विवाह मुहूर्तों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। यही वजह है कि इस शुभ दिन का इंतज़ार विवाह करने वाले लोगों को साल भर से रहता है। इस पर्व पर न सिर्फ मांगलिक कार्य करना , बल...