हम-तुम होंगे एक धारा

  

तेरी मुस्कान में उजियारा,

तेरे स्पर्श में मधुर सहारा।

जीवनपथ पर संग तुम्हारा,

सुख-दुख सब एक हो जाए हमारा।

 

प्रेम हमारा दीपक बनकर,

हर अँधियारा दूर करेगा।

विश्वास की नींव पर खड़ा यह,

बंधन अमिट, अटल रहेगा।

 

ले हाथ थाम जब भी डगमग,

आशा का संचार कराना।

जीवन के अंतिम क्षण तक भी,

संग-साथ निभाते जाना।

 

प्रण करता हूँ हृदय की गहराई से,

तुम संग रहूँगा सदा।

जीवन के इस अनमोल सफ़र में,

हम-तुम होंगे एक धारा।  

Comments

Popular posts from this blog

EPISODE-5 गंगा तेरा पानी अमृत 13/03/26

EPISODE 24.भेद ये गहरा, बात ज़रा-सी! 04/12/26

EPISODE-12 मत कर अभिमान रे बंदे! 19/06/26