स्टूडेंट्स का स्ट्रेस
स्टूडेंट्स का स्ट्रेस कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे भारत में लॉकडाउन है. लोग घरों में बंद हैं और सब कुछ जैसे रुका हुआ है ।भागती-दौड़ती ज़िंदगी में अचानक लगे इस ब्रेक और कोरोना वायरस के डर ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया है ।इस बीच चिंता, डर, अकेलेपन और अनिश्चितता का माहौल बन गया है और लोग दिन-रात इससे जूझ रहे हैं.कोरोना लॉकडाउन के समय में सारी दुनिया का बुरा और विचित्र हाल है। पहले कोरोना फिर उसके बाद में होने वाले प्रभाव का डर सबको भयभीत कर रहा है। सब अपने-अपने तरीके से कोरोना को मात देने की कोशिश कर रहे हैं।अगर इस समय विद्यार्थियों की तरफ देखें, तो यह समय उनके लिए बड़ा ही उदासी, अवसाद और तनाव भरा है। वही विद्यार्थी जो स्कूल, कालेज में बंक करके खुशी महसूस करते थे या छुट्टी की इंतज़ार करते थे, आज स्कूल, कालेज के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अभी ऑनलाइन क्लासें लग रही हैं, मीट,जूम या अन्य वर्चुअल प्लेटफ़ॉर्मों पर क्लासें लग रही हैं, वीडियो कांफ्रैंसिंग हो रही है, मीटिंग हो रही है, परन्तु फिर भी बहुत कुछ सूना और अधू...