हर रंग कुछ कहता है 🎵

  हर रंग कुछ कहता है 🎵



हर रंग कुछ कहता है,

जीवन का राग बहता है,

कभी आँसू बन झरता है,

कभी मुस्कान सा रहता है।


लाल रंग बोले — “प्रेम जलाओ,

दिल की लौ में दीप जलाओ।”

आग भी मैं, अरमान भी मैं,

संघर्षों का सम्मान भी मैं।


नीला रंग गगन से बोले,

“गहराई को दिल में तोले।”

शांत रहो पर मौन न बनो,

हर लहर में जीवन चुनो।


हरा रंग खेतों में गाए,

“थके दिलों में स्वप्न जगाए।”

सूखी मिट्टी में नव आशा,

जीवन की सबसे मधुर भाषा।


पीला कहे — “उजाला बाँटो,

सूरज बनो, अँधेरा हाँटो।”

हँसी से रंग भरो जहां में,

सूर्य समान रहो सदा मन में।


सफेद कहे — “निर्मल रहो,

सच की राह पर अडिग रहो।”

पवित्रता ही सबसे सुंदर,

मन उजला तो जग सुगंधर।


काला कहे — “मत डर छाया से,

उजियारा जन्मे परछाया से।”

हर अंत में आरंभ छिपा है,

जीवन भी तो चित्र बना है।


हर रंग कुछ कहता है,

जीवन का राग बहता है,

जो सुन ले इनका संगीत,

वो खुद प्रभात बन रहता है।

Comments

Popular posts from this blog

यूँ ही कोई मिल गया सीज़न-2

पल पल दिल के पास, वो रहता है...

जनरेशन अल्फ़ा और सिक्स-पॉकेट सिंड्रोम