EPISODE-15 लव.. यू ज़िंदगी! 31/07/26

EPISODE   15 

लव.. यू ज़िंदगी!  31/07/26

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नमस्कार दोस्तों! मैं मीता गुप्ताएक आवाज़एक दोस्तकिस्से कहानियाँ सुनाने वाली आपकी मीत। जी हाँआप सुन रहे हैं मेरे पॉडकास्ट, ‘यूँ ही कोई मिल गया’ के दूसरे सीज़न का अगला एपिसोड..जिसमें हैंनए जज़्बातनए किस्सेऔर वही पुरानी यादें.उसी मखमली आवाज़ के साथ..। जी हाँ दोस्तोंआज हम बात करेंगेसकारात्मकता कीपॉज़िटिविटी कीअदम्य साहस कीजिजीविषा कीक्योंकि इन्हीं के कारण तो हम कह पाते हैं लव.. यू ज़िंदगी!है न दोस्तों?

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दोस्तों! यूँ तो ज़िंदगी में अनेक लोग मिलते हैंकुछ याद रह जाते हैंकुछ को हम भूल जाते हैंपर कुछ ऐसे भी होते हैंजो हमेशा के लिए हम में समा जाते हैंहमारे व्यक्तित्व का अंग बन जाते हैंगाहे बगाहे हम उन्हें याद करते रहते हैंअक्सर उनका ज़िक्र करते हैंऔर वे हमारी ज़िंदगी मेंज़िंदगी को देखने के नज़रिए में सकारात्मकपॉज़िटिव बदलाव लाते हैं।

जी हाँ दोस्तों! आज मैं बात कर रही हूँएक ऐसी ही शख्सियत कीजिन्होंने सच में दुनिया को समझाया कि ज़िंदगी को प्यार कैसे किया जाता है। बात है अरुणिमा सिन्हा कीएक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी....ट्रेन एक्सीडेंट में एक पैर गवां देने के बाद.....माउंट एवरेस्ट सम्मिट करने का संकल्प लेना...उसे पूरा करने की जद्दोजहद....क्यों?..आखिर क्योंकेवल इसीलिए न कि लव.. यू ज़िंदगी! यानी जीने की चाह...अदम्य साहस के साथ जिजीविषा...अहा ज़िंदगी....!! लव..यू ज़िंदगी!

आखिर क्या है यह ज़िंदगी?

क्या खेल हैआनंद हैपहेली हैनदी है या झरना या फिर बस..साँसों की डोर थामे उम्र के सफ़र पर बढ़ते जाना.. बढ़ते जाना है ज़िंदगी?

यह साधना है या यातना?

सुख है या उलझाव?

आज तक ज़िंदगी का अर्थ कोई भी पूरी तरह कभी समझ ही नहीं पाया है। आप अपनी ज़िंदगी किस तरह जीना चाहते हैंयह तय करना ज़रूरी है। आखिरकार ज़िंदगी आपकी है। यकीननआप जवाब देंगे, क्या ज़िंदगी को अच्छी तरह से जीने की तमन्ना हैदरअसलज़िंदगी एक व्यवस्था हैऐसी व्यवस्थाजो जड़ नहीं, चेतन हैस्थिर नहींगतिमान है। इसमें लगातार बदलाव भी होने हैं। जीवन की अर्थवत्ता हमारी जड़ों में हैं। जीवन के मंत्र ऋचाओं से लेकर संगीत के नाद तक समाहित हैं। हम इन्हें कई बार समझ लेते हैंग्रहण कर पाते हैं ,तो कहीं कहीं भटक भी जाते हैं और जब जब ऐसा होता है नज़िंदगी की खूबसूरती गुमशुदा हो जाती है। हम केवल घर को ही देखते रहेंगेतो बहुत पिछड़ जाएँगे और केवल बाहर को ही देखते रहेंगेतो भी टूट जाएँगे। मकान की नींव देखे बगैरकई मंज़िलें बना लेना खतरनाक हैपर अगर नींव मजबूत है और फिर मंज़िल नहीं बनातेतो अकर्मण्यता हैआलस हैकामचोरी है। है न दोस्तों! केवल अपना उपकार ही नहींपरोपकार के लिए भी जीना है। अपने लिए ही नहींदूसरों के लिए भी जीना है। यह हमारी ज़िम्मेदारी भी है और ऋण भीजो हमें समाज और अपनी मातृभूमि को चुकाना है।

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दोस्तों! महर्षि परशुराम जी ने यही बात भगवान कृष्ण को सुदर्शन चक्र देते हुए कही थी कि वासुदेव कृष्णतुम बहुत माखन खा चुकेबहुत लीलाएँ कर चुकेबहुत बांसुरी बजा चुकेअब वह करोजिसके लिए तुम धरती पर आए हो। परशुराम के ये शब्द जीवन की अपेक्षा को न केवल उद्घाटित करते हैंबल्कि जीवन की सच्चाइयों को परत दर परत खोलकर रख देते हैं। हम चिंतन के हर मोड़ पर कई भ्रम पाल लेते हैं। प्रतिक्षण और हर अवसर का महत्व जिसने भी नज़रअंदाज़ कियाउसने उपलब्धि से स्वयं को दूर कर किया। नियति एक बार एक ही मौका देती है। याद रखिएवर्तमान भविष्य से नहींअतीत से बनता है। सही कहा न दोस्तों!

कोई कहता है कि ज़िंदगी एक आईना हैसच झूठ काग़म ख़ुशी कानफ़रत प्यार काइंसान और इंसानियत का... क्या सचमुच?

कोई कहता है कि ज़िंदगी एक कश्ती हैडूबती उबरती लहरों के ऊपरइठलाती बलखाती सी हवा से बातें करती। कोई कहता है कि ज़िंदगी एक फ़लसफ़ा हैसुख दुख इसके दामन में खिलते मुरझाते हैंकभी हँसी ठिठोली करतेकभी आँखें नम कर जातेन कोई तय पैमाना है इसकाना कोई सिद्ध सूत्र इस प्रमेय काये तो उतना ही हैजितना जिसने जानाजितना जिसने पहचानाना कोई इसका ओर हैना कोई छोरलगे ऐसे जैसे नीले अंबर में उड़ती पतंग की डोर है I

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चलिए दोस्तोंएक कहानी सुनाती हूँ…. एक जंगल में शेर और कई तरह के जानवर रहते थे   भालूचीतागीदड़बाघहिरणहाथी आदि। एक बार उस जंगल में भयानक आग लग गई। चारों तरफ आग की लपटें आसमान को छूने लगीं। हिरणशेरगीदड़ सभी जान बचा कर भागने लगे। उसी जंगल में एक पेड़ पर एक चिड़िया भी रहती थीभयानक आग को देखकर वह घबराई  नहींजल्दी से उड़कर पास के तालाब पर गई और चोंच में पानी भरकर आग पर डालने लगी। चिड़िया को ऐसा करते देख कौआ उसका मज़ाक उड़ाते हुए बोला “चिड़िया रानी,चिड़िया रानीयह क्या कर रही होतुम इतनी छोटी हो और यह तुम भी जानती हो कि तुम्हारी चोंच भरे पानी से यह आग नहीं बुझने वाली हैतो फिर क्यों बार बार प्रयास कर रही हो?” चिड़िया बोली “मैं जानती हूँ कि मेरे अकेले और छोटे से प्रयास से यह भयानक आग नहीं बुझने वाली हैपर जिस दिन इस जंगल का इतिहास लिखा जाएगाउस दिन तेरा नाम देखने वालों में और मेरा नाम आग बुझाने वालों में लिखा जाएगा।”

यह कहानी मैंने बचपन में पढ़ी थी और आज भी इसका एक एक शब्द दिल में बसा है। दोस्तोंहमारी ज़िंदगी चुनौतियों का सागर है। जब तक ज़िंदगी हैछोटी बड़ी चुनौतियाँ आती ही रहेंगी। इसलिए हमें अपने ज़िंदगी की हर चुनौती को सहर्ष स्वीकार करना चाहिए क्योंकि हम सब अच्छी तरह से जानते हैं कि अगर हम ज़िंदगी सागर में उठती गिरती लहरों को देखकर डर गएतो हम इसे पार कैसे करेंगे?

जिन खोजा तिन पाइयागहरे पानी पैठ।

मैं बपुरा बूडन डरारहा किनारे बैठ।।

ज़िंदगी एक खूबसूरत एक सफ़र है। दोस्तोंअगर आपने कभी नाव में बैठकर यात्रा की होगीतो आपने तीन तरह के लोगों को देखा होगा। एक तरह के लोग वे होते हैंजो नदी या सागर में उठती लहरों को देखकर डर के मारे नाव में बैठते ही नहीं। दूसरी तरह के लोग वे होते हैंजो डरते डरते नाव में तो बैठ जाते हैंपरंतु वे जैसे तैसे थरथराते हुए सफ़र को पूरा करते हैंऔर तीसरे प्रकार के लोग वे होते हैंजो उस सफ़र को इंजॉय करते हैंउस सफ़र का मज़ा लेते हैं। आप किस श्रेणी में आते हैं?

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दोस्तों! बुरा वक्त कहकर नहीं आता। बुरे वक्त में भी हौसला बनाए रखिए। आप शायद आप यही सोचेंगे कि कहने और करने में बहुत फ़र्क होता है। जिस इंसान के ऊपर मुसीबत आती हैउसका दर्द सिर्फ़ वही जानता हैतो ठीक हैमैं इस बात को मानती भी हूँलेकिन जब हमारे पास दो ऑप्शनस  हों, 'लड़ो या मरोतो फिर लड़कर क्यों न मरेंमरना तो है हीतो हम लड़ने से पहले ही चुनौतियों के सामने घुटने क्यों टेकेंखुद को शारीरिक और मानसिक रूप से इतना सक्षम क्यों न बनाएँ कि हम विषम परिस्थितियों में भी न टूटें। शायद हम बच जाएँ!

बेहतरी की कोई सीमा नहीं होतीदोस्तों! कोई भी इंसान अगर चाहेतो वह खुद में अपनी इच्छा के अनुसार बदलाव करने में सक्षम है। अगर आपको लगता है कि आप कमज़ोर हैंतो हानिकारक वस्तुओं का सेवन करने के बजाए पौष्टिक और शक्तिवर्धक खाद्य पदार्थों का सेवन कीजिए। रोज़ाना कसरत कीजिएयोग कीजिएदौड़ लगाइए। कुछ भी कीजिएलेकिन खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से मज़बूत बनाइए। अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा कीजिए क्योंकि ज़िंदगी की कठिन चुनौतियों का सामना करने के लिए आपका स्वस्थ और फ़िट रहना अति आवश्यक है।

और फिर सपनों की बात करें तो.. सपने अपने भी होते हैं और सपने सच्चे भी होते हैंदोस्तों! अपने सपनों को अपना बनाएँअपने सपनों को सच्चा बनाएँ। सपनों को पूरा करने में जो आनंद आता है नवह अतुलनीय है। अपने सपनों को पूरा करने में लगन और परिश्रम से जुट जाइएफिर देखिएगाकोई उन्हें पूरा करने से नहीं रोक सकता। ज़िंदगी में चाहे कितनी ही मुश्किल घड़ी क्यों न आ जाएचाहे कितना भी बुरा वक्त क्यों ना आ जाएकभी निराश न होंकभी हिम्मत मत हारें और अगर हारना ही पड़ेतो बहादुरों की‌ तरह लड़कर हारेंकायरों की तरह जान गँवा कर नहीं।

उम्मीद की लौ सारे जहान को रोशन कर सकती हैदोस्तों! कभी उम्मीद का दामन न छोड़ें। और हाँएक बात हमेशा याद रखेंअगर आपकी ज़िंदगी में कभी ऐसा वक्त आ ही जाए कि आपको कोई रास्ता दिखाई न देहर तरफ़ अंधेरा ही अंधेरा नज़र आएतो जल्दीबाज़ी बिल्कुल न करें और जल्दबाजी में कोई फ़ैसला न करें। थोड़ा ठहर जाएँथोड़ा इंतज़ार करेंथोड़ा धैर्य रखेंथोड़ी साँसें लें गहराई सेडीप..डीप..और डीप..क्योंकि दुखों का कोहराचाहे कितना भी घना क्यों न होसूरज की किरणों को निकलने से रोक ही नहीं सकता। आप बस हौसला रखेंअपने ईश्वर और अपने बड़ों पर भरोसा करें और उनके प्रति कृतज्ञ रहें। स्वयं पर विश्वास बनाए रखें। आप देखेंगे कि उम्मीद की एक किरण अंधेरे को चीरते हुए धीरे धीरे आपकी तरफ़ बढ़ रही है और सदैव याद रखिए कि आप हार मानने के लिए नहीं बने हैंआप नई रार ठानने के लिए बने हैंआप काल के कपाल पे लिखते और मिटाते हैं और आप नए गीत गाने के लिए बने हैंऔर कहने के लिए बने हैं, आई लव यू ज़िंदगी। सच ही कहा न दोस्तों!

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जी हाँ दोस्तों! ज़िंदगी बहुत खूबसूरत हैइसका लुत्फ़ उठाइएस्वयं के लिए जीएँदूसरों के लिए जीएँलेकिन जीएँ ज़रूर।। आप इस धरती पर आए हैं.. किसी निमित्त के लिए आए हैंयूँ ही मर जाने के लिए नहीं। आपको देख कर लोग कहें कि जीना होतो नत्थू लाल की मूंछों की तरह। हमारी बातें तो चलती ही रहेंगीइसीलिए कहती हूँ कि अब आप बताइए कि आप ज़िंदगी को प्यार क्यों करते हैंअपनी कहानियाँअपने किस्से। अपनी ज़िंदगी के किस्से   कहानियाँ हमें भी शेयर कीजिए .. कीजिएगा ज़रूर..। मैसेज बॉक्स में लिखकर भेजिए,  मुझे इंतज़ार रहेगा आपके मैसेज का..

और..जानती हूँ, आप भी तो इंतजार करेंगे न..अगले एपिसोड का...करेंगे न दोस्तों!

सुनते रहिएसुनाते रहिएहो सकता हैयूँ ही बातें करते करते आप भी कहने लगें कि लव यू ज़िंदगी.. है न दोस्तोंइसीलिए मेरे चैनल को सब्सक्राइब कीजिए...मुझे सुनिए....औरों को सुनाइए....मिलती हूँ आपसे अगले एपिसोड के साथ...

नमस्कार दोस्तों!....वही प्रीत...वही किस्से कहानियाँ  लिए..आपकी मीत..मैंमीता गुप्ता..

END MUSIC

 

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